29th November 2020

Bundeli News

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जिंदगी की जंग हार गया प्रहलाद:90 घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद एनडीआरएफ ने बच्चे को निकाला, पानी के कारण फूल गई लाश

सददाम राईन पलेरा।। बोरवेल से निकालने के बाद प्रहलाद के शव को काली पन्नी में लपेटकर अस्पताल ले जाया गया।

  • निवाड़ी के सैतपुरा गांव में बोरवेल में गिरे बच्चे की लाश चौथे दिन निकाली जा सकी
  • डीएम ने बताया, बुधवार की शाम से ही नहीं समझ आ रहा था बच्चे का मूवमेंट

बोरवेल में गिरा चार साल का प्रहलाद आखिर जिंदगी की जंग हार गया। शनिवार की देर रात 3 बजकर 1 मिनट पर एनडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया, लेकिन प्रहलाद को बचाया नहीं जा सका। पानी के कारण उसका शरीर फूल चुका था। उसके शव को काली पॉलीथिन में लपेटकर एंबुलेंस में रखा गया, जिसके बाद मेडिकल टीम लाश को लेकर निवाड़ी जिले के स्वास्थ्य केंद्र पहुंची।

फिलहाल अस्पताल में उसके शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। कलेक्टर आशीष भार्गव ने बताया कि बुधवार शाम से ही बच्चे का मूवमेंट क्लीयर नहीं हो रहा था।

निवाड़ी जिले के सैतपुरा गांव में बुधवार सुबह 9 बजे प्रहलाद बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था। वह 59 फीट नीचे फंस गया था। शनिवार को बच्चे को निकालने के लिए तिरछी (होरिजोंटल) सुरंग बनाई जा रही थी, जिसका डायरेक्शन भटक जाने के कारण सुरंग बोर तक नहीं पहुंच पाई थी। करीब 11 बजे एनडीआरएफ की टीम ने खुदाई रोक दी थी। इसके बाद देर रात झांसी से एक्सपर्ट की टीम आई, जिन्होंने मैग्नेटिक अलाइनमेंट के जरिए सुरंग की दिशा तय की। इसके बाद दोबारा खुदाई शुरू की गई और रात 3.01 बजे बच्चे को निकाला गया।

बोरवेल के पास लगी लोगों की भीड़।

बोरवेल के पास लगी लोगों की भीड़।

इससे पहले बीना रिफाइनरी से टनल खुदाई की मशीन भी मंगवाई गई थी। लेकिन मामूली सी चूक होने से बच्चे तक पहुंचने की कोशिश शनिवार देर रात तक नाकाम हो गई।

कलेक्टर मातहत अफसरों से चर्चा करते हुए।

कलेक्टर मातहत अफसरों से चर्चा करते हुए।

बुधवार सुबह 9 बजे बोरवेल में गिरे प्रहलाद को निकालने के लिए एनडीआरएफ और आर्मी के साथ स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू शुरू किया था। चार साल का प्रहलाद अपने ही खेत में किए गए बोरवेल में गिर गया था। शुक्रवार की सुबह 6 बजे तक बोरवेल के बराबर करीब 65 फीट का गहरा गड्ढा खोदा गया था।

निवाड़ी कलेक्टर आशीष भार्गव के मुताबिक तीन बाय तीन की टनल बनाई गई थी। चूंकि बोर का डायामीटर तिरछा था। इस कारण टनल बनाने में परेशानी आ रही थी। इसके अलावा यहां पानी का फ्लो भी ज्यादा था। हाथ से भी खुदाई करनी पड़ी।

बोरवेल में फंसा प्रहलाद।

बोरवेल में फंसा प्रहलाद।

खुदाई में गड़बड़ी से ऑपरेशन प्रभावित हुआ

जानकारी के अनुसार बीना रिफाइनरी से बुलाई गई ड्रिलिंग मशीन से टनल बनाई जा रही थी, लेकिन काफी खुदाई के बाद पता चला कि अलाइनमेंट में गड़बड़ी हो गई है। इस कारण बच्चे तक नहीं पहुंचा जा सका। बाद में अलाइनमेंट ठीक करके दोबारा कार्य शुरू किया गया, लेकिन सफलता न मिलने के कारण देर रात काम बंद कर दिया। ऑपरेशन के दौरान कलेक्टर आशीष भार्गव सहित अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद थे।