11th August 2020

Bundeli News

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रेत कारोवारी माफि और पुलिस का है गठजोड़, बेखौफ जारी है रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन कार्य खेतों की मिट्टी से बना रहे अवैध रेत, 22 सौ रुपए दो घर से एक ट्रांली रेत लो

लोकेन्द्र सिंह परमार, सत्तार बाबा खान
टीकमगढ़। क्षेत्र के नारगुड़ा ओर समर्रा के साथ कई गांवों में खेत की मिट़्टी से रेत बनाई जा रही है। गांव में मिट्टी की रेत का भण्डार कर के उप्र के साथ जिले के लोगों को बगैर पिटपास पर रेत बेची जा रही है। वहीं रेत के वाहन फसलों में से निकाले जा रहे है। जिससे वह फसले वाहनों के टायरों से दबकर नष्ट हो रही है। इसके साथ ही राजस्व की भूमि को भी खोखला कर रहे है। इसके बाद भी खनिजऔर पुलिस विभाग मौन है।
खेतों की मिट्टी से रेत बनाने का कार्य जोरों पर चल रहा है। रेत को बनाकर गांव में ही भण्डारण किया जा रहा है। जहां 22 सौ रुपए में एक ट्रोली रेत बेची जा रही है। यह रेत सीसी सड़क निर्माणों में उपयोग की जा रही है। जो थोडे ही समय में उखड़कर सीसीसड़क के साथ अन्य भवन टूट रहे है। दबंगों के कारण पीडि़त शिकायतें नहीं कर पा रहे हैं।

कैसे होता है ये अवैध कारोबार
अवैध रेत खनन की बात करें तो संबंधित मामले पर जमीनी हकीकत यह है कि यहाँ के बंस्कार समाज के दर्जनो लोगों द्वारा स्यम की भूमि पर खेती ना कर के उस भूमि पर धड़ल्ले से खनन कर रेत बनाई जा रही हैं। रोजाना क रीब 20 से 25 अवैध रेत ट्रकों व ट्रोलीयो पर लोड की जाती है। धड़ल्ले से हो रहे इस काम पर स्थानीय पुलिस व माइनिंग विभाग के लोगों को जानकारी भी है। फि र भी कई शिकायतों के बावजूद प्रशासन के कानों में जूँ तक नही रेंगती।

अब तक नही हुई कोई कार्यवाही
आपको बता दें कि करीब 2 साल पहले से चल रहे इस काम को अभी तक कोई भी अधिकारी नेे लागारम नहीं लगा पाई। अब इन रेत कारोवारीयो के होसले इतने बुलन्द हैं की दिनदहाड़े धड़ल्ले से अवैध रेत का कारोबार चल रहा है। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन व खनिज विभाग इस पर लगाम लगा पाता है या नहीं?

कई बार हो चुकी गम्भीर दुर्घटनाएं
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार तो रेत से भरी टैक्टर-ट्रालियां ओवरलोड होने की वजह से सड़क किनारे पलट चुकी हैं। अक्सर रेत से भरी ट्राली पंचर होकर या फि र बैरिंग टूटने की वजह से बीच सडक में लापरवाही पूर्वक खड़े कर दिए जाते हैं। जिनसे दुर्घटना की आशंका बनी रहती हैं। कुछ वर्ष पूर्व में कस्बे के नजदीक इसी तरह एक रेत से भरी ट्राली सड़क के बीचों बीच खडी थी। जिससे रात के अंधेरे में टकरा कर दोपहिया सवार दो नवयुवकों गम्भीर घायल हो गये थे। आपको बतादे को कुछ वर्ष पूर्व में रेत से भरी ट्रली पलटने से ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद भी राजनैतिक संरक्षण में चल रहे खनन के इस कारोबार को शासन व प्रशासन बंद कराने में असमर्थ है।

क्या कहते है अधिकारी-
मामले की सूचना खनिज विभाग में आई है। उनके द्वारा राजस्व की चोरी तो की ही जा रही है। इसके साथ ही खेत की मिट्टी से गुणवत्ताहीन रेत बनाई जा रही है। एक बार टीम नारगुड़ा गाई हुई थी, पर मौके पर कोई नही मिला था। अब जल्द ही फि र से विभाग द्वारा टीम भेजी जाएगी। अगर अवैध खनन करते हुये पाए गये तो छापामार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशांत तिवारी, खनिज अधिकारी, टीकमगढ़